Tuesday, 18 February 2020

सचिन तेंदुलकर को मिला लॉरियस 2020 अवॉर्ड


खेलों का ऑस्कर कहे जाने वाले लॉरियस 2020 स्पोर्ट्स अवॉर्ड करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले क्रिकेट के भगवान मास्टर ब्लास्ट सचिन तेंदुलकर को सम्मानित किया गया है.
सचिन तेंदुलकर को लॉरियस अवॉर्ड कैरीड ऑन द शोल्डर्स ऑफ ए नेशन से नवाजा गया है.
सचिन को ये सम्मान वर्ल्ड क्रिकेट की 20 सालों से ज्यादा सेवा करने के लिए मिला है.
आइए जानते है लॉरियस अवॉर्ज के बारे में
इसकी शुरुआत 1999 में हुई थी.
खेल जगत  में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को ये सम्मान दिया जाता है.

Thursday, 13 February 2020

हैप्पी वैंलेटाइन डे: आशिक मरा नहीं करते...




आशिक मरा नहीं करते... ऐसा कई फिल्मों में डॉयलॉग सुना होगा या फिर कई आशिकों को कहते सुना होगा... मैं भी एक आशिक से मिली थीं, जब मैं एमजेएमसी कर रही थीं लखनऊ यूनिवर्सिटी से.. मैं कभी हीर रांझा, सोनी महिवाल और लैला मंजनू से तो नहीं मिली लेकिन मिली होती तो यही कहती तुमने भी क्या खाक मोहब्बत की होगी जैसी राजू भाई ने की.

राजू भाई लखनऊ यूनिवर्सिटी का जाना पहचाना चेहरा, जिनको यूनिवर्सिटी का हर स्टूडेंट जानता जरूर होगा... उनका प्यार और उनके इश्क की दास्तां कुछ है ही ऐसी... मेरी उनसे मुलाकात यूनिवर्सिटी के पहले दिन हुई थी.. मेरा पहला दिन था क्लास का... मैं अपनी लाइफ में पहली बार बिना किसी के साथ के जो घर से इतनी दूर आई थी.. यहां मैं बता दूं कि मेरा घर लखनऊ में ही है, लेकिन स्कूल और गेजुएशन की पढ़ाई घर से कुछ दूर पर मौजूद कॉलेज से की और पहले कभी घर से निकली नहीं तो काफी जद्दोजहद के बाद मैं पहुंची पहली क्लास भी छूट गई.. शायद उस दिन यूनिवर्सिटी पहुंचने के चक्कर में पूरा तो नहीं लेकिन आधा लखनऊ घूम लिया.

कॉलेज का हर बंदा राजू भाई की लव स्टोरी जानता होगा. सुनी सुनाई और राजू भाई की बातों की माने जाए तो राजू भाई को एक लड़की से इश्क था, जिसके प्यार में उन्होंने अपना घर बार सब छोड़ दिया था और कॉलेज में घूमते रहते थे. लोगों से बातें करते थे, उनकी बातें सुनते थे कुछ स्टूडेंट्स उनमें दिलचस्पी लेते थे तो कुछ उन्हें देख कर बचने की कोशिश करते थे. लेकिन इन सब से कोई मतलब नहीं था.

प्यार की कई कहानियां सुनी है लेकिन उनके जैसी नहीं वो उस लड़की के बारे में हर बात बताते जैसे वो बहुत सुंदर थी, लेकिन शायद ही किसी को उसका नाम बताया हो कभी किसी को. जहां आज के दौर में लोग प्यार से अलग होने पर ना जाने कैसी हरकतें कर देते हैं. वहीं उनका प्यार इन सब से जुदा था मतलबी ना था.
राजू भाई यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडललिस्ट थे, लेकिन प्यार ने उनको दिन दुनिया से अलग कर दिया था वो ऐसी दुनिया में थे जहां सिर्फ वो और उनका प्यार और वो समझदारी भरी दुनिया से अलग थे या यूं कहें कि सिर्रिया गए थे. उनकी खास आदत की वो सभी से पेन मांगते थे और ना जाने क्या लिखा करते थे अपने हाथों पर. उनके पास सिर्फ उसकी बातें होती थी जिसे कोई नहीं जानता कौन थी क्या नाम था. लेकिन सभी करते थे.

राजू भाई की लव स्टोरी की तरह ही इनकी डेथ भी एक मिस्ट्री बन गई कुछ महीनों पहले सुना था कि वो अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं. स्टेट्स लगाने पर पता चला कि दो साल पहले ही जा चुके हैं, फिर पता चला कि वो कहीं चले गए हैं. जितने मुंह उतनी बातें. अब सच तो भोले ही जाने कि वो कहां हैं जहां भी रहे खुश रहें.

Thursday, 6 February 2020

सुहागनगरी में पनपता, संवरता और सजता है चूड़ियां बनाने का हुनर




चूड़ियां हिंदुस्तान की परंपरा और सभ्यता में सुहाग के रंग से जुड़ी है यही वजह है कि चूड़ियों की खनक हमारी जिंदगी का अहम तरीन  हिस्सा बन गई फिल्मों में भी इसको बखूबी दर्शाया गया, चूड़ियों का रंग हम सबकी जिंदगी में रचा बसा है फिर वह कांच की चूड़ी हो या प्लास्टिक की या फिर धातु की तो क्यों ना बात चल उठी है तो फिरोजाबाद की ओर चला जाए जहां घर-घर में यह हुनर पनपता है सवरता है सजता है फिरोजाबाद शहर जिसे चूड़ियों के नाम से जाना जाता है फिरोजाबाद में बेहद नक्काशीदार चूड़ियां बनाई जाती है और इस काम में लाखों मजदूर लगे हुए हैं या यूं कहें कि जिले में लाखों कारीगर चूड़ी बनाने का काम करते हैं इन चमकदार चूड़ियों के पीछे छिपा है इन कारीगरों का अंधकार। भविष्य आइए आपको रूबरू कराते हैं निकुंज यादव के जरिए इन चूड़ियों का रंग।चलिए हमारे साथ एक सफर के साथ जो बेहद हसीन भी है वहाँ गम बे हिसाब है ।

फिरोजाबाद मे चूड़ी उद्योग की सुरुवात जसराना से हुई और जनक रहे रुस्तम उस्ताद.

जसराना फ़िरोज़ाबाद से 40 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है इन चूड़ियों का इतिहास भी कम दिलचस्प नहीं रहा जसराना से फिरोजाबाद आकर बसे रुस्तम उस्ताद ने हिंदुस्तान में कांच की चूड़ी के निर्माण के लिए बेलन भट्टी का काम से तजुर्बा कर चूड़ियों का काम शुरू किया नई नई तकनीक सीखने वह मंबई भी गए रुस्तम उस्ताद ने फ़िरोज़ाबाद ग्लास नाम से पहली चूड़ी की बेलन भट्टी स्थापित की ।

सुहागिनों का प्रतीक चूड़ी जिसको चूड़ी कारीगर दिन रात एक कर बनाने में लगे रहते है वर्षी बाद भी उनके रहन सहन के स्तर में कोई भी बदलाव नही आया है.

इस कारोबार में जिले का लघभग चार लाख मजदूर प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है जिले में लगभग 300 छोटे बड़े कारखाने है इन दिनो कारखानों के मालिकों के सामने गैस की कीमतों को लेकर भारी किल्लत बनी हुई है जिले का चूडी कारोबार पूरी तरह से ठेखा बेस पर उठा हुआ है और फ़िरोज़ाबाद शहर के अमूमन प्रत्येक घर मे चूड़ी का कारोबार होता है यँहा कि बनी हुई चूड़ियां देश के साथ साथ विदेशो में भी भारी डिमांड के साथ भेजी जाती है  ऐशे में अब इस कारोबार को बचाने के लिए सरकार को सोचना होगा ओर व्यापारी व मजदूरों को हो रही असुविधाओं को समझ कर पूरा करना होगा ।

Tuesday, 14 January 2020

मम्मी को पसंद हो या ना हो इस हफ्ते रिलीज होगी ये फिल्म





पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म तानाजी और छपाक बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाए हुए हैं, वहीं इस हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्म भी सिल्वर स्क्रीन पर ऑडियंस को इंटरटेन करने की तैयारी में है. 

इस हफ्ते यानि 17 जनवरी को रिलीज हो रही है जय मम्मी दी. फिल्म के डायरेक्टर नवजोत गुलाटी हैं. इस फिल्म में सनी सिंह और सोनाली सहगल लीड रोल में हैं. साथ ही फिल्म में सुप्रिया पाठक और पूनम ढिलॉन भी नजर आएंगी.

इस की रिलीज से पहले एक और पोस्टर रिलीज किया है. इस पोस्टर में सनी और सोनाली रोमांटिक पोज में दिखाई दे रहे हैं. फिल्म की रिलीज से पहले ट्रेलर और गाने काफी पसंद किए जा रहे हैं. मेरी मम्मी नू पसंद नहीं... सॉन्ग पार्टियों की शान बना हुआ है.






Thursday, 12 December 2019

फैंस को करना होगा इंतजार, सिल्वर स्क्रीन पर साथ नजर नहीं आएंगें गली बॉय और रणबीर कपूर





बॉलीवुड के दो डैसिंग एक्टर रनबीर कपूर और रणवीर सिंह सिल्वर स्क्रीन पर साथ नजर नहीं आएंगें. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी 1994 में आई कल्ट क्लासिक अंदाज अपना अपना का सीक्वल बनाने वाले हैं, जिसमें सलमान खान, आमिर खान, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन ने लीड रोल निभाया था. इस खबर के साथ ही बॉलीवुड में चर्चा थी कि इस फिल्म के सीक्वल में रणवीर सिंह और रनबीर कपूर लीड रोल में फैंस को गुदगुदाएंगें.

खबरों की मानें तो यह फिल्म अगले साल यानी 2020 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है. लेकिन पिंकविला के सोर्स के मुताबिक, रनबीर और रणवीर अंदाज अपना अपना 2 में नजर नहीं आएंगें. दोनों एक्टर्स को इस सीक्वल के बारे में कोई जानकारी नहीं है, ना ही फिल्म के लिए अप्रोच किया गया है. 

वहीं दूसरी तरफ प्रोडक्शन हाउस के करीबी सोर्स के 
मुताबिक, अभी फिल्म के सीक्वल पर कोई काम नहीं हो रहा है. खैर, रनवीर और रणबीर के फैंस को इन दोनों की धमाकेदार जोड़ी को साथ देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा.

इन दिनों रणबीर कपूर अयान मुखर्जी की फिल्म ब्रह्मास्त्र की शूटिंग कर रहे हैं. इस फिल्म में रणबीर के अपोजिट आलिया भट्ट नजर आएंगी. वहीं रनवीर सिंह कई प्रोजेक्ट में बिजी हैं. वह कबीर खान की फिल्म 83 में नजर आएंगें, अगले साल वह रोहित शेट्टी की फिल्म सूर्यवंशी में स्पेशल केमियो में दिखाई देंगें. इस फिल्म अक्षय कुमार लीड रोल में नजर आएंगें. 

इन टॉप 5 एक्टर्स ने भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को दी नई उड़ान




भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री ने मौजूदा समय में अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है. आज भोजपुरी एक्टर्स किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है. यूपी, बिहार ही नहीं मुंबई इंडस्ट्री भी इनके काम की तारीफ करते नहीं थकती. भोजपुरी फिल्म जगत में कई एक्टर्स ऐसे हैं, जिन्होंने कम समय में खुद को और भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का परचम लहराया है, जिनमें से रवि किशन, खेसारी लाल यादव, पवन सिंह, दिनेश लाल यादव और आम्रपाली दुबे ने अपनी अलग पहचान बनाई है. 

अभिनेता से नेता बने रवि किशन ने अपनी एक्टिंग से फैंस के दिलों पर राज किया है. भोजपुरी ही नहीं रवि किशन ने बॉलीवुड फिल्मों में भी दमदार रोल किए हैं. साथ ही रवि किशन ने 2006 में मोस्ट कंट्रोवर्सल शो बिग बॉस का भी हिस्सा रह चुके हैं. रवि किशन ने 2019 की लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की गोरखपुर सीट से सांसद चुने गए हैं. रवि किशन ने कन्यादान, गंगा जइसन माई हमार जैसी हिट फिल्में दीं.

बिग बॉस सीजन 13 में वाइल्ड कार्ड एंट्री करने वाले सुपरस्टार खेसारी लाल यादव फिल्मों और गानों से धमाल मचाए हुए हैं. खेसारी की पहली फिल्म 'साजन चले ससुराल' थी. इसके बाद खेसारी की कई फिल्में आईं. अब तक वह 70 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं. उनका गाना 'ठीक है' काफी पसंद किया गया.

दिनेश लाल यादव ने कम समय में ही अपनी पहचान बनाई है. दिनेश के रियल नाम से ज्यादा रील नाम ‘निरहुआ’ से जाने जाते हैं. दिनेश लाल यादव के म्यूजिक एल्बम ‘निरहुआ सटल रहे’ ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं. एक्टिंग के साथ निरहुआ ने राजनीति में भी किस्मत आजमाई है. फिल्मों और गानों की तरह निरहुआ यहां भी हिट रहे.

पवन सिंह
पवन सिंह को भोजपुरी फिल्मों का सलमान खान कहा जाता है. फिल्मों और गानों से गर्दा उड़ाने वाले पवन सिंह का गाना लॉलीपोप लगेलु काफी मशहूर हुआ. फिल्मों की बात करें तो प्रतिज्ञा, धड़कन, भोजपुरिया राजा जैसी हिट फिल्मों में काम किया है.

आम्रपाली दुबे
भोजपुरी फिल्मों में जहां मेल एक्टर्स ने दबदबा बनाया वहीं फीमेल एक्टर्स ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी. वैसे तो कई फीमेल एक्टर्स हैं, लेकिन आज बात आम्रपाली दुबे की, जिन्होंने मेल एक्टर के सामने अपनी चमक फीकी नहीं पड़ने दी. इन दिनों यू-ट्यूब पर निरहुआ और आम्रपाली का गाना टेबल पे लेबल मिली छाया हुआ है.


Wednesday, 11 December 2019

नागरिकता संशोधन बिल 2019 पास या फेल?



नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद पूरे देश में कहीं जश्न तो कहीं जंग का माहौल है. इस बिल के पास होने से हिंदू शरणार्थियों ने जमकर जश्न मनाया. कहीं मिठाइयों के डिब्बे खोले गए तो कहीं दिये जलकर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं. साथ ही लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त कर रहे थे. 

वहीं असम, गुवाहाटी में जन आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस बिल को लोकसभा में 311 पक्ष और 80 विपक्ष और राज्यसभा में 125 पक्ष और 99 विपक्ष ने वोट किए.
नागरिकता संशोधन बिल 2019 जिसे लेकर पूरे देश में हो हल्ला है. 

आइए जानते हैं क्या है नागरिकता संशोधन बिल.
संशोधन लोकसभा और राज्यसभा में बहुमत से पारित होने के बाद अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह विधेयक Citizenship Amendment Bill (CAB) कानून बनकर लागू हो जाएगा. इसके बाद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो जाएगा. 

वहीं कैब 2019 के प्रावधान के मुताबिक पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले मुसलमानों को भारत की नागरिकता नहीं दी जाएगी.

कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां कैब का विरोध कर रही हैं. सरकार के अनुसार, धार्मिक उत्पीड़न की वजह से इन देशों से आने वाले अल्पसंख्यकों को कैब के माध्यम से सुरक्षा दी जा रही है.

इस बिल के पास होने से मोदी सरकार ने एक बार फिर इतिहास रचा है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे काला दिन कहा है. कैब बिल से पहले भी मोदी सरकार ने कई बार जनता के दिल में जगह बनाई है.

मोदी सरकार ने तीन तलाक समाप्त किया, कश्मीर से धारा 370 हटाई, राम मंदिर का समाधान जैसे कई ऐतिहासिक मसलों को हल निकाला है. इसके अलावा इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (सेकंड एमेंडमेंट) बिल, 2019 के माध्यम से इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 (कोड) में अनेक संशोधन करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस संशोधन के तहत कंपनी के पूर्व प्रमोटर्स के अपराधों के लिए उसके नए खरीदारों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं चलाया जाएगा.


डुनिथ वेल्लालेज खेल की सच्ची भावना की मिसाल

एशिया कप 2025 जहां निगेटिविटी और विवादों में घिरा रहा। वहीं, 22 वर्षीय डुनिथ वेल्लालेज ने खेल की सच्ची भावना सबके सामने पेश की। एक ओर सभी को...